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डिलीवरी के बाद कमर या पीठदरà¥à¤¦ का इलाज | Delivery Ke Baad Kamar Ya Peeth Dard Ke Upay
IN THIS ARTICLE
कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद कमर या पीठदरà¥à¤¦ सामानà¥à¤¯ है? | Delivery Ke Baad Kamar Dard
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद कमर या पीठदरà¥à¤¦ के कारण
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद कमर या पीठदरà¥à¤¦ कब तक रहता है?
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद कमर या पीठदरà¥à¤¦ के लिठघरेलू उपचार | Delivery Ke Baad Kamar Dard Ka Gharelu Upay
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद कमर या पीठदरà¥à¤¦ कम करने में सहायक खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥
डिलीवरी के बाद पीठया कमर दरà¥à¤¦ के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
डिलीवरी के बाद कमर या पीठदरà¥à¤¦ होने से बचने के टिपà¥à¤¸
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिà¤?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का समय नठबचà¥à¤šà¥‡ के आने की खà¥à¤¶à¥€ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ चिंता जैसी मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं का दौर होता है। वहीं, डिलीवरी के बाद मातृतà¥à¤µ सà¥à¤– के साथ-साथ कमर व पीठदरà¥à¤¦ जैसी परेशानी का à¤à¥€ सामना करना पड़ सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में हम मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद होने वाले कमर दरà¥à¤¦ के कारण और इस दरà¥à¤¦ से राहत पाने के कà¥à¤› घरेलू उपाय बताà¤à¤‚गे। इसके अलावा, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद होने वाले कमर दरà¥à¤¦ से संबंधित अनà¥à¤¯ जानकारियां हम आपको तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ देंगे।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद होने वाले कमर दरà¥à¤¦ के घरेलू उपचार और अनà¥à¤¯ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ जानकारी देने से पहले आपको बता देते हैं कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद कमर और पीठमें दरà¥à¤¦ रहना सामानà¥à¤¯ है या नहीं।
कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद कमर या पीठदरà¥à¤¦ सामानà¥à¤¯ है? | Delivery Ke Baad Kamar Dard
जी हां, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद कमर व पीठमें दरà¥à¤¦ होना सामानà¥à¤¯ होता है। à¤à¤• शोध के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, वैसे तो महिलाओं की कमर और पीठका दरà¥à¤¦ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दो दिन बाद 60 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक कम हो जाता है, लेकिन कà¥à¤› दरà¥à¤¦ बना रहता है। वहीं, कà¥à¤› महिलाओं को लगातार 82 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक दरà¥à¤¦ 18 महीनों तक बना रहता है। इसके अलावा, कà¥à¤› महिलाओं में पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दो साल बाद à¤à¥€ 21 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक दरà¥à¤¦ रहता है (1)।
दूसरी रिसरà¥à¤š में सामने आया है कि लगà¤à¤— 19 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं में डिलीवरी के बाद कमर और पेट में दरà¥à¤¦ दोबारा से उठसकता है। वहीं, कई महिलाओं में यह दरà¥à¤¦ कà¥à¤› दिनों के अंतराल पर उठसकता है और कà¥à¤› में इसके होने की आशंका लगातार बनी रहती है (2)।
चलिà¤, अब बात करते हैं शिशॠको जनà¥à¤® देने के बाद à¤à¥€ कमर व पीठमें होने वाले दरà¥à¤¦ के बारे में।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद कमर या पीठदरà¥à¤¦ के कारण
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद कमर या पीठमें दरà¥à¤¦ होता है, यह तो हम आपको बता ही चà¥à¤•े हैं। लगà¤à¤— हर महिला को डिलीवरी के बाद à¤à¥€ इस दरà¥à¤¦ का सामना करना पड़ता है। आइठजानते हैं बचà¥à¤šà¥‡ के पैदा होने के बाद à¤à¥€ मां को पीठया कमर में दरà¥à¤¦ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बना रहता है (3) (1) (4) (5)।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥¤
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने से पहले से कमर दरà¥à¤¦ व पीठदरà¥à¤¦ रहना।
बोन मास डेंसिटी का घटना। दरअसल, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पहले कम कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अधिकांश कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® à¤à¥à¤°à¥‚ण में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित हो जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में महिला के शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी हो जाती है। इस वजह से पीठमें दरà¥à¤¦ हो सकता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद à¤à¤¾à¤°à¥€ चीजें उठाना।
गलत आसन यानी बिसà¥à¤¤à¤° पर सपाट (सीधे) सोने के कारण à¤à¥€ दरà¥à¤¦ बना रह सकता है।
माना जाता है कि बैक पेन का कारण शरीर का अधिक वजन और कद का छोटा होना हो सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव महिलाओं की मांसपेशियों और जोड़ों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं। रिलैकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ मांसपेशियों को रिलैकà¥à¤¸ करके लिगामेंटà¥à¤¸ (हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को जोड़ने वाला टिशà¥à¤¯à¥‚) और जोड़ों को ढीला करता है। इसकी वजह से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के साथ ही पà¥à¤°à¤¸à¤µ होने के बाद à¤à¥€ कमर व पीठमें दरà¥à¤¦ बना रह सकता है।
नोट : शोध में कमर दरà¥à¤¦ का पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ व डिलीवरी के तरीके से कोई संबंध नहीं पाया गया है।
आगे पढ़िठकमर दरà¥à¤¦ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ अनà¥à¤¯ जानकारी।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद कमर या पीठदरà¥à¤¦ कब तक रहता है?
वैसे तो कहा जाता है कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के 4 महीने तक कमर व पीठदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ बनी रहती है (6), लेकिन डिलीवरी होने के बाद कमर व पीठदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ कब तक बनी रहेगी, यह आपके शरीर पर निरà¥à¤à¤° करता है। इसलिà¤, आपको पीठव कमर में दरà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठअपनी डाइट में पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार को शामिल करना होगा, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कम होने वाली बोन मास डेंसिटी को ठीक करने में मदद करेगा।
अब पीठऔर कमर दरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठकà¥à¤› घरेलू उपचार के बारे में बात कर लेते हैं।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद कमर या पीठदरà¥à¤¦ के लिठघरेलू उपचार | Delivery Ke Baad Kamar Dard Ka Gharelu Upay
आमतौर पर डिलीवरी के बाद कमर में दरà¥à¤¦ बना ही रहता है, जिससे महिलाओं के दैनिक कारà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप इन उपायों को अपनाकर पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद होने वाले कमर व पीठदरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पा सकती हैं (7) (8)।
गरà¥à¤® पानी से नहाà¤à¤‚ : पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद होने वाले कमर दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ को कम करने के लिठआप गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से नहा सकती हैं। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है और दरà¥à¤¦ कम लगने लगता है।
गरà¥à¤® पानी से सिकाई : डिलीवरी के बाद कमर व पीठदरà¥à¤¦ से राहत पाने के लिठआप गरà¥à¤® पानी की सिकाई कर सकती हैं। आप गरà¥à¤® पानी वाले बैग (Hot Water Bag) से सिकाई कर सकती हैं। इसके अलावा, तौलिठको गरà¥à¤® पानी में निचोड़कर कमर पर रख सकती हैं। आराम न मिलने तक यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दोहराà¤à¤‚।
मालिश : कमर की मालिश करके या इसे हलà¥à¤•े हाथों से दबाकर à¤à¥€ दरà¥à¤¦ से राहत मिल सकती है। आप तेल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करके मालिश à¤à¥€ कर सकती हैं या हाथों से दरà¥à¤¦ वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ को हलà¥à¤•ा-हलà¥à¤•ा दबा सकती हैं।
पेशाब न रोकें : मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ à¤à¤°à¤¨à¥‡ से à¤à¥€ कमर और उसके आस-पास का दरà¥à¤¦ बढ़ने लगता है। à¤à¤¸à¥‡ में कोशिश करें की आप अपने मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ को खाली रखें।
सपोरà¥à¤Ÿ : सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के दौरान सही सपोरà¥à¤Ÿ न लेने की वजह से à¤à¥€ कमर व पीठमें दरà¥à¤¦ हो सकता है। इसलिà¤, आप अपने शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाते समय सही तरीके से बैठें और कमर को सपोरà¥à¤Ÿ दें। आप दीवार या कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ का सहारा लेकर बैठसकती हैं और साथ में तकिये का à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ : आप कमर दरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठनियमित रूप से हलà¥à¤•े वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® à¤à¥€ कर सकती हैं। लेख के अगले हिसà¥à¤¸à¥‡ में हम आपके कमर व पीठदरà¥à¤¦ को ठीक करने के लिठकौन से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने चाहिठयह बताà¤à¤‚गे।
हीटिंग पैड : आप कमर दरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठइलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• हीटिंग पैड का à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
लेख में आगे पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° पीठऔर कमर में होने वाले दरà¥à¤¦ को कम करने वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के बारे में बताया गया है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद कमर या पीठदरà¥à¤¦ कम करने में सहायक खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद होने वाले कमर व पीठदरà¥à¤¦ को दूर या कम करने में आपके रसोई घर में आसानी से मिलने वाले कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ मदद कर सकते हैं। यहां हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ ही फायदेमंद सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का जिकà¥à¤° कर रहे हैं।
दूध : कमर व पीठमें दरà¥à¤¦ होना का कारण हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का कमजोर होना à¤à¥€ होता है। à¤à¤¸à¥‡ में आप दूध का सेवन करके कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी को दूर कर सकती हैं। दूध में मौजूद कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® आपकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और मजबूत रखने में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है (9) (10)।
सोया उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ और नटà¥à¤¸ : कमर व पीठदरà¥à¤¦ को दूर करने के लिठआप सोया उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ और नटà¥à¤¸ का सेवन कर सकती हैं। इसके अलावा, आप सूखी फलियों का à¤à¥€ सेवन कर सकती हैं (9)। ये सà¤à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होते हैं। हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत करने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¥€ जरूरी होता है (11)।
हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ : पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद आपको पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ आपको नियमित रूप से हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, फल और दाल को खाने में शामिल करना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी होने की वजह से à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° होने वाला कमर दरà¥à¤¦ जलà¥à¤¦à¥€ ठीक नहीं होता है (9)।
अदरक : अदरक किसी à¤à¥€ तरह के दरà¥à¤¦ की तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ को कम करने और दरà¥à¤¦ में जलà¥à¤¦ राहत दिलाने में मदद करता है। यह मेफेनामिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और इबà¥à¤ªà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ की तरह शरीर में काम करता है (12)। इसके अलावा, अदरक में पाया जाने वाला 6 शोगोल में à¤à¥€ दरà¥à¤¦ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को कम करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पाई जाती है ()।
अंजीर : अंजीर में मौजूद कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® आपको कमर दरà¥à¤¦ से होने वाली परेशानी को कम करने में मदद कर सकता हैं (13)। हम आपको ऊपर लेख में बता ही चà¥à¤•े हैं कि कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत करने में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है।
अजवाइन : अजवाइन में à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ कंपाउंड पाठजाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में इसको उन फायदेमंद खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में गिना जाता है, जो कमर दरà¥à¤¦ में आराम दिलाने में मदद करते हैं (14)। आप अजवाइन à¤à¥‚नकर खा सकती हैं या इसका काढ़ा बनाकर à¤à¥€ पिया जा सकता है।
शहद : शहद में à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹ à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मौजूद होता है। इसलिà¤, इसका सेवन करने से आपको कमर दरà¥à¤¦ से राहत मिल सकती है। दरअसल, à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹ à¤à¤¸à¤¿à¤¡ काफी पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ और सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ कमर दरà¥à¤¦ के इलाज में à¤à¥€ फायदेमंद माना जाता है (15)।
हलà¥à¤¦à¥€ : हलà¥à¤¦à¥€ का सेवन हमेशा से ही गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद के लिठअचà¥à¤›à¤¾ माना जाता है। यह पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को लाठपहà¥à¤‚चाने का काम करता है (16)। à¤à¤¸à¥‡ में इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² पà¥à¤°à¤¸à¥‹à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤° होने वाले कमर दरà¥à¤¦ से राहत पाने के लिठà¤à¥€ लोग करते हैं। दरअसल, इसमें करकà¥à¤¯à¥‚मिन नामक कंपाउंड होता है, जो बतौर à¤à¤¨à¤¾à¤²à¥à¤œà¥‡à¤¸à¤¿à¤• (दरà¥à¤¦ कम करने वाला डà¥à¤°à¤—) हमारे शरीर में काम करता है (17)।
पानी : पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद महिला को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पीने की à¤à¥€ सलाह दी जाती है। पानी की मातà¥à¤°à¤¾ जब शरीर में बनी रहती है, तो यह पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को शरीर में अचà¥à¤›à¥‡ से पहà¥à¤‚चने में मदद करता है। पानी पीने से कबà¥à¤œ से बचने में मदद मिलती है, जो पीठदरà¥à¤¦ से राहत दिला सकता है।
खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के साथ ही वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद होने वाले पीठऔर कमर दरà¥à¤¦ में राहत दे सकते हैं। आइà¤, जानते हैं कि कौन-कौन सी à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ आपको दरà¥à¤¦ में राहत दे सकती हैं।
डिलीवरी के बाद पीठया कमर दरà¥à¤¦ के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद होने वाले कमर दरà¥à¤¦ और पीठदरà¥à¤¦ से राहत पाने के लिठआप कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कर सकती हैं। नीचे हम आपको तीन à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ के बारे में बताà¤à¤‚गे, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना जाता है (18) (19)। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहें कि डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ परमारà¥à¤¶ के बिना à¤à¤¾à¤°à¥€ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ पड़ सकते हैं (20) (21) (22) (23) (24)।
1. पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ (कीगल à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ)
अकà¥à¤¸à¤° महिलाओं के कमर में दरà¥à¤¦ रहता है, जिसकी वजह मासपेशियां का कमजोर होना à¤à¥€ होता है। à¤à¤¸à¥‡ में पेलà¥à¤µà¤¿à¤• à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करना फायदेमंद माना जाता है। इस à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ को करने से पेलà¥à¤µà¤¿à¤• मसलà¥à¤¸ मजबूत होती है, जिससे कमर दरà¥à¤¦ में राहत मिलती है। आप इसे घर में आराम से कर सकती हैं।
Pelvic floor exercises
विधि :
योग मैट बिछाकर फरà¥à¤¶ पर बैठजाà¤à¤‚ या लेट जाà¤à¤‚।
आपको इस à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ को करने से पहले पेलà¥à¤µà¤¿à¤• मांसपेशियों को पहचानना होगा।
इन मांसपेशियां को आप देख नहीं सकतीं, लेकिन महसूस कर सकती हैं।
पेशाब करते समय मूतà¥à¤°à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को रोकने के लिठजिन मांसपेशियां का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होता है, वो पेलà¥à¤µà¤¿à¤• मांसपेशियां होती हैं।
इन मसलà¥à¤¸ को पहचानने के बाद सांस लेते हà¥à¤ दस सेकंड के लिठइनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ टाइट करें और फिर इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दस सेकंड के लिठआराम दें।
इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को 10 से 20 बार दोहराà¤à¤‚।
आप इस अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ को किसी à¤à¥€ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में कर सकते हैं।
दिनà¤à¤° में इस à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ को 3 बार करें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहें कि à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने के पहले आपका बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° खाली रहे, यानि पेशाब करने के बाद।
2. पीठऔर पेट का वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
पीठऔर पेट की à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ आपको दरà¥à¤¦ में राहत दे सकती है। आइठजानते हैं इसे करने की विधि।
विधि:
योग मैट बिछाकर या बेड में पीठके बल लेट जाà¤à¤‚।
अब अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़ लें।
दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को कà¥à¤› दूरी पर रखें।
सांस छोड़कर पेट को कस लें।
अब अपनी कमर को सीधा करने के लिठपेलà¥à¤µà¤¿à¤• मांसपेशियों को मैट की ओर (नीचे की ओर) दबाà¤à¤‚।
3. पीठऔर पेट का वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® – 2
पीठऔर पेट का à¤à¤• और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® की बात करते हैं, जो आपके कमर दरà¥à¤¦ को काफी हद तक कम करने में मदद कर सकता है।
विधि:
बिसà¥à¤¤à¤° पर पीठके बल लेट जाà¤à¤‚।
अब घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़कर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• साथ रखें।
à¤à¤¸à¤¾ करने के बाद पेट को कस लें और पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ को बेड से थोड़ा ऊपर की ओर उठाकर सीधा करें।
अब इसी मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में अपने दोनों पैरों को दाईं ओर लेकर आà¤à¤‚।
अगर पहले से आपके पैर दाईं ओर हैं तो इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाईं ओर करें।
अब कà¥à¤› देर रिलेकà¥à¤¸ करने के लिठअपनी पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ पर लौटें।
इस कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को दोबारा दोहराà¤à¤‚।
अगर आपने बाईं ओर पैर करके यह वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® किया है, तो अब दाईं ओर वरना बाईं ओर होकर इस वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को करें।
अब आपको कà¥à¤› अनà¥à¤¯ टिपà¥à¤¸ à¤à¥€ बता देते हैं, जो आपके दरà¥à¤¦ को बढ़ने से रोकने में मदद करेंगे।
डिलीवरी के बाद कमर या पीठदरà¥à¤¦ होने से बचने के टिपà¥à¤¸
पà¥à¤°à¤¸à¥‹à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤° के बाद कमर या पीठमें होने वाले दरà¥à¤¦ को आप कà¥à¤› आसान बातों को याद रखकर à¤à¥€ कम कर सकती हैं। दरअसल, रोजमरà¥à¤°à¤¾ के कà¥à¤› काम-काज à¤à¥€ हैं, जो पीठदरà¥à¤¦ को बढ़ाने का काम करते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप नीचे दी गई बातों का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखकर अपनी कमर और पीठदरà¥à¤¦ को होने से रोक सकती हैं (7) (8) (24) ।
1. à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¤°à¤•म चीजें उठाने से बचें
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद à¤à¤¾à¤°à¥€ वजन उठाने से à¤à¥€ कमर व पीठमें दरà¥à¤¦ होता है। à¤à¤¸à¥‡ में आपको कà¥à¤› à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¥€ चीज उठाने से बचना चाहिà¤à¥¤ शिशॠको à¤à¥€ गोद लेते समय बांहों को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फैलाने से बचें। शिशॠको उठाते वकà¥à¤¤ कमर पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जोर डालने से बचें।
2. शिशॠको पकड़ने का तरीका
शिशॠको बाहर ले जाते समय उसे आगे छाती से चिपका कर रखें। पीठपर बचà¥à¤šà¥‡ को रखने से कमर दरà¥à¤¦ और बढ़ सकता है।
3. वजन घटाà¤à¤‚
हम आपके बता चà¥à¤•े हैं कि आपके वजन के कारण à¤à¥€ कमर व पीठमें दरà¥à¤¦ होता है। à¤à¤¸à¥‡ में शिशॠको जनà¥à¤® देने के à¤à¤• से दो महीने बाद आपको अपने सामानà¥à¤¯ वजन पर वापस लौटने की कोशिश करनी चाहिà¤à¥¤
4. बैठने का तरीका
आप बैठते समय अपने तरीके का खास खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखें। दरअसल, अगर आप गलत तरीके से बैठती हैं, तो à¤à¥€ आपके कमर और पीठका दरà¥à¤¦ बढ़ सकता है। इसलिà¤, आपको बैठते समय यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होगा कि आपकी कमर या पीठà¤à¤•दम सीधी हो। इसके अलावा, आप हील पहनने की जगह समतल चपà¥à¤ªà¤² या सैंडल पहनें।
5. बिसà¥à¤¤à¤° से उठने का तरीका
आपको सिरà¥à¤« बैठने का ही नहीं, बलà¥à¤•ि बिसà¥à¤¤à¤° से उठने के तरीके पर à¤à¥€ गौर करना होगा। जी हां, अपने शरीर को à¤à¤Ÿà¤•े से बिसà¥à¤¤à¤° से न उठाà¤à¤‚, बलà¥à¤•ि धीरे-धीरे आराम से पहले करवट लें फिर अपनी बॉडी को सीधा करके बेड से उठें।
6. à¤à¥à¤•ते हà¥à¤ रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
आपको अपने शिशॠव किसी अनà¥à¤¯ सामान को उठाते वकà¥à¤¤ यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होगा कि अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़कर और कमर को सीधा रखकर ही बचà¥à¤šà¥‡ को व अनà¥à¤¯ सामान हो उठाà¤à¤‚। उसके बाद उठते समय अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को सीधा करें।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पीठदरà¥à¤¦ होना à¤à¤²à¥‡ ही सामानà¥à¤¯ है, लेकिन कई बार आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह à¤à¥€ लेनी जरूरी होती है। हम लेख में आगे आपको बताà¤à¤‚गे डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिà¤à¥¤
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिà¤?
वैसे तो पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पीठदरà¥à¤¦ कà¥à¤› महीनों के बाद खà¥à¤¦ ठीक हो जाना चाहिà¤, लेकिन अगर यह समसà¥à¤¯à¤¾ लंबे समय तक बनी रहती है, तो किन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिठयह हम आपके नीचे बताà¤à¤‚गे (25)।
अगर आपका दरà¥à¤¦ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ बढ़ रहा है, तो यह गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ का संकेत हो सकता है।
अगर पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद आपकी पीठव कमर में दरà¥à¤¦ गिरने या किसी तरह की चोट लगने की वजह से हो रहा है, तो à¤à¥€ आपको तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
पीठव कमर दरà¥à¤¦ के साथ बà¥à¤–ार का बना रहना।
à¤à¤• या दोनों पैरों में सूजन।
अचानक से दरà¥à¤¦ का अधिक बढ़ना व दरà¥à¤¦ की वजह से रोजाना सà¥à¤¬à¤¹ जलà¥à¤¦à¥€ नींद खà¥à¤² जाना।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल से कमर या पीठदरà¥à¤¦ होता है?
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान दिठजाने वाले à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल (सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾) का पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद होने वाले पीठदरà¥à¤¦ से कोई संबंध नहीं है (26)। à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में à¤à¥€ पाया गया है कि à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ से पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद, बस पहले दिन पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होने का खतरा हो सकता है (27)।
दिन के मà¥à¤•ाबले रात में कमर या पीठदरà¥à¤¦ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ अधिक महसूस होता है?
दिनà¤à¤° आपकी पीठव कमर की मांसपेशियों में लगातार à¤à¥à¤•ने, à¤à¤¾à¤°à¥€ चीजे उठाने, गलत तरीके से बैठने से तनाव बनता रहता है। पूरे दिन की थकावट लेकर जब आप रात को आराम करने के लिठबिसà¥à¤¤à¤° पर लेटती हैं, तो आपका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ किसी अनà¥à¤¯ काम में नहीं बंटा होता, जिससे आपको दरà¥à¤¦ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महसूस होने लगता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद होने वाले कमर व पीठदरà¥à¤¦ के कारण और इससे बचने के घरेलू उपाय तो हम आपको बता ही चà¥à¤•े हैं। बस आपको जरूरत है नियमित रूप से हलà¥à¤•ा वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और इन घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ों को अपनाने की, जिससे आपकी कमर दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ काफी हद तक कम हो सकती है। वहीं, लेख में शामिल बचाव संबंधी टिपà¥à¤¸ पर à¤à¥€ जरूर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें। इसके माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद होने वाले कमर दरà¥à¤¦ को कम करने में मदद मिल सकती है। उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है यह लेख इस समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत पाने में काफी उपयोगी साबित होगा। à¤à¤¸à¥‡ ही अनà¥à¤¯ विषयों के बारे में जानने के लिठपà¥à¤¤à¥‡ रहें मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨à¥¤
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